दो बाघों की जान गई, जिम्मेदारी तय नहीं! वन विभाग की कार्रवाई पर सवाल.
Two tigers lost their lives, but accountability is still missing — questions raised over the Forest Department’s action.
Special Correspondent, Shahdol, MP Samwad News.

MP संवाद समाचार, शहडोल। शहडोल जिले के उत्तर वन मंडल अंतर्गत जयसिंहनगर रेंज की बनचाचर बीट में करंट की चपेट में आने से एक बाघ और एक बाघिन की मौत के मामले में वन विभाग ने प्रारंभिक कार्रवाई करते हुए निचले स्तर के कर्मचारियों पर कार्रवाई कर दी है, लेकिन पूरे मामले में अब तक बड़े अधिकारियों की जवाबदेही तय नहीं हो सकी है।
प्रकरण सामने आने के बाद उत्तर वन मंडल की डीएफओ ने बनचाचर बीट में पदस्थ बीट गार्ड और संबंधित क्षेत्र के डिप्टी रेंजर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
रेंजर पर कार्रवाई का प्रस्ताव, फैसला बाकी
जयसिंहनगर रेंज के रेंज ऑफिसर के विरुद्ध कार्रवाई के लिए डीएफओ, उत्तर वन मंडल द्वारा मुख्य वन संरक्षक (CCF) शहडोल को प्रस्ताव भेजा गया है। हालांकि, इस प्रस्ताव पर अब तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
बड़े अधिकारियों की भूमिका पर उठे सवाल
सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतनी गंभीर घटना—जिसमें एक साथ बाघ और बाघिन की करंट से मौत हुई—उसमें अब तक कार्रवाई की गाज केवल बीट गार्ड और डिप्टी रेंजर तक ही सीमित क्यों है?
वन्यजीव संरक्षण जैसे संवेदनशील क्षेत्र में हुई इस गंभीर लापरवाही के बावजूद शासन स्तर पर या मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारी तय नहीं की गई है। इससे वन विभाग की कार्यप्रणाली और जवाबदेही व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय स्तर पर यह चर्चा तेज है कि क्या यह कार्रवाई केवल दिखावे तक सीमित रह जाएगी, या फिर वन्यजीवों की सुरक्षा में हुई भारी चूक के लिए वास्तव में जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी?