बहोरीबंद में खनिज माफिया पर प्रहार, 4 डंपर और पोकलेन जब्त.
Crackdown on mineral mafia in Bahoriband, 4 dumpers and a poclain machine seized.
Special Correspondent, Mohan Nayak, Katni, MP Samwad News.

MP संवाद समाचार, कटनी / बहोरीबंद। बहोरीबंद तहसील के ग्राम पड़रेही में अवैध खनिज उत्खनन और परिवहन का खेल आखिरकार प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई में बेनकाब हो गया। सोमवार को की गई कार्रवाई में मौके से चार डंपर-ट्रिपर और एक पोकलेन मशीन जब्त कर ली गई।
सबसे गंभीर बात यह सामने आई है कि जिस खदान से लेटराइट और बॉक्साइट का उत्खनन किया जा रहा था, उसके पास मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण मंडल की अनिवार्य अनुमति ही नहीं थी।
बिना अनुमति… फिर कैसे चल रहा था उत्खनन?
जब प्रदूषण नियंत्रण मंडल की अनुमति नहीं थी, तो सवाल उठता है—
👉 खदान का संचालन किसके संरक्षण में हो रहा था?
👉 ट्रांजिट पास के बिना महीनों से खनिज का परिवहन कैसे होता रहा?
उप संचालक खनिज रत्नेश दीक्षित के अनुसार, अनुमति के अभाव में ट्रांजिट पास जारी नहीं हो सकते थे, इसके बावजूद खनिज परिवहन लगातार किया जा रहा था।
कलेक्टर के निर्देश के बाद हरकत में आया अमला
कलेक्टर तिवारी की अध्यक्षता में हुई जिला टास्क फोर्स की बैठक के बाद राजस्व, पुलिस और खनिज विभाग की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की।
मौके पर एसडीएम राकेश कुमार चौरसिया, एसडीओपी आकांक्षा चतुर्वेदी सहित पूरा प्रशासनिक अमला मौजूद रहा।
सिर्फ वाहन जब्ती से होगा खेल बंद?
हालांकि प्रशासन ने चार डंपर और एक पोकलेन जब्त कर कार्रवाई को बड़ी सफलता बताया है, लेकिन बड़ा सवाल अब भी कायम है—
क्या बिना अनुमति खनन कराने वाले खदान संचालक और इसके पीछे खड़े संरक्षण देने वालों पर भी सख्त कार्रवाई होगी?
ग्रामीणों का कहना है कि यदि केवल वाहन जब्ती तक ही कार्रवाई सीमित रही, तो कुछ दिनों बाद यही अवैध खनन फिर से शुरू हो जाएगा।
अब देखना होगा कि पड़रेही में उजागर हुए इस अवैध खनन प्रकरण में
केवल मशीनें पकड़ी जाएंगी या पूरे नेटवर्क पर भी कानून का हथौड़ा चलेगा।