ग्वालियर में झोलाछापों का भंडाफोड़: 12वीं पास बना डॉक्टर, 5 क्लीनिक सील.
ग्वालियर में झोलाछाप डॉक्टरों पर स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई
Quack Doctors Exposed in Gwalior: 12th-Pass Impostor Posed as Doctor, 5 Illegal Clinics Sealed.
Special Correspondent, Amit Singh, Gwalior, MP Samwad News.
MP संवाद समाचार, ग्वालियर में मरीजों की ज़िंदगी से खुलेआम खिलवाड़ कर रहे झोलाछाप डॉक्टरों के ठिकानों पर जब स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापा मारा, तो डॉक्टरी के नाम पर सफेद झूठ और अवैध इलाज का पूरा कारोबार सामने आ गया।
कलेक्टर रुचिका सिंह चौहान के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई ने यह उजागर कर दिया कि शहर में कोई 12वीं पास खुद को डॉक्टर बताकर इलाज कर रहा था, तो कोई एएनएम-जीएनएम की आड़ में धड़ल्ले से एलोपैथी दवाएं बांट रहा था।
जब खुद को डॉक्टर बताने वाले इन क्लीनिक संचालकों से डिग्री और पंजीयन मांगा गया, तो सच्चाई चौंकाने वाली निकली। इसके बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए पांच अवैध क्लीनिकों को मौके पर ही सील कर दिया।
12वीं पास और नर्सिंग स्टाफ बने बैठे थे ‘विशेषज्ञ’
स्वास्थ्य विभाग की जांच में रायरू स्थित ‘बंगाली क्लीनिक’ की हकीकत सबसे ज्यादा डराने वाली रही, जहां प्रदीप राय नाम का व्यक्ति महज 12वीं पास होकर लोगों का एलोपैथी इलाज कर रहा था।
इतना ही नहीं, पुरानी छावनी क्षेत्र में गीता सिकरवार और विनोद गोस्वामी, जिनके पास केवल एएनएम और जीएनएम (नर्सिंग) के प्रमाण पत्र थे, खुद को बड़े डॉक्टर बताकर मरीजों की जान जोखिम में डाल रहे थे।
हैरानी की बात यह भी सामने आई कि इन झोलाछाप क्लीनिकों के पास स्वास्थ्य विभाग का कोई वैध पंजीयन तक नहीं था।
होम्योपैथ की डिग्री, इलाज एलोपैथी का
नियमों को ताक पर रखकर मोतीझील और रायरू में ऐसे क्लीनिक भी संचालित किए जा रहे थे, जहां गिर्राज शर्मा और राजेंद्र सिंह राजपूत के पास बीएचएमएस (होम्योपैथी) की डिग्री तो थी, लेकिन वे खुलेआम एलोपैथी पद्धति से इलाज कर रहे थे।
आयुष पद्धति के डॉक्टरों द्वारा इस तरह इलाज की विधा बदलना पूरी तरह अवैध है। इन गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए सीएमएचओ डॉ. सचिन श्रीवास्तव के नेतृत्व में गई टीम ने तिवारी क्लीनिक, शर्मा क्लीनिक और नेहा स्वास्थ्य सदन सहित कुल पांच क्लीनिकों पर ताला जड़ दिया।
प्रशासन का सख्त संदेश
डॉ. उमेश मौर्य और शाखा प्रभारी पुरेन्द्र सिंह राजपूत की टीम ने संबंधित क्लीनिक संचालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
स्वास्थ्य विभाग ने साफ शब्दों में कहा है कि—
“डिग्री किसी और विधा की और इलाज एलोपैथी का—यह खेल अब ग्वालियर में नहीं चलेगा।”
बिना योग्यता और पंजीयन के क्लीनिक चलाने वालों पर आने वाले दिनों में और भी सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।