MP में अचानक बदला मौसम, ओलों ने छीनी किसानों की नींद.
ओलावृष्टि से खेतों में बिछी बर्फ, किसानों की फसलें बर्बाद
The weather changed suddenly in MP, hailstorms robbed farmers of their sleep.
Special Correspondent, Richa Tiwari, Bhopal, MP Samwad News.
MP संवाद समाचार, भोपाल। मध्यप्रदेश में मौसम ने अचानक खतरनाक करवट ले ली है। मंगलवार शाम शुरू हुई तेज आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश के साथ कई जिलों में जोरदार ओलावृष्टि हुई, जिसने खेतों को बर्फ की सफेद चादर में बदल दिया। तेज हवाओं के चलते कई इलाकों में पेड़ धराशायी हो गए, जबकि अनेक क्षेत्रों में घंटों बिजली गुल रही।
आगर मालवा-शाजापुर में जमकर बरसे ओले
आगर मालवा जिले के कानड़ क्षेत्र में तेज हवा के साथ भारी ओलावृष्टि हुई, जिससे सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। बड़े-बड़े ओले गिरने से लोग सहम गए और जगह-जगह पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आईं।
वहीं शाजापुर जिले में भी शाम के समय आए तेज आंधी-तूफान ने तबाही मचा दी। हाईवे तक ओलों से ढक गया और सड़कें सफेद नजर आने लगीं, जिससे यातायात बाधित हो गया।
बरनावद-निपानिया में किसानों की उम्मीदों पर ओले
मोहन बड़ोदिया क्षेत्र के बरनावद, निपानिया सहित कई गांवों में भारी ओलावृष्टि से गेहूं की फसल को गंभीर नुकसान पहुंचा है। खेतों में खड़ी तैयार फसल पर ओले गिरने से किसानों में भारी चिंता देखी जा रही है। किसानों का कहना है कि यदि नुकसान का सही आकलन नहीं हुआ, तो उन्हें भारी आर्थिक झटका लगेगा।
बिजली गुल, ठंड में बढ़ी परेशानी
बुरहानपुर और खरगोन जिलों में भी तेज आंधी के साथ बारिश हुई, जिसके चलते कई क्षेत्रों की बिजली सप्लाई ठप हो गई। अचानक बदले मौसम से ठंड बढ़ गई और लोगों को गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ा।
फसलें पकने की अवस्था में, खतरा ज्यादा
किसान संगठनों के अनुसार इस समय गेहूं, चना, मसूर और आलू जैसी फसलें पकने की अवस्था में हैं। ऐसे में यदि बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी रहा, तो नुकसान कई गुना बढ़ सकता है।
मौसम विशेषज्ञ सत्येंद्र धनोतिया ने चेतावनी दी है कि आगामी दिनों में भी इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना है।
अब सवाल यह है—क्या सरकार प्रभावित किसानों के नुकसान का तत्काल सर्वे कर राहत देगी, या फिर हर बार की तरह किसान सिर्फ आसमान की ओर देखकर मुआवजे का इंतजार करता रहेगा?