पानी नहीं ज़हर! इंदौर के बाद महू में स्वास्थ्य संकट.
दूषित पानी से बीमार लोग, अस्पतालों में बढ़ता दबाव
Not Water but Poison! After Indore, a Health Crisis Grips Mhow.
Special Correspondent, Ram Lakhan Yadav, Indore, MP Samwad News.
MP संवाद समाचार, इंदौर में दूषित पेयजल अब कोई अपवाद नहीं, बल्कि एक खतरनाक सिलसिला बन चुका है। भागीरथपुरा के बाद अब महू तहसील में 22 लोगों का एक साथ बीमार पड़ना साफ बताता है कि जल आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह फेल हो चुकी है। सवाल यह है कि क्या प्रशासन तब ही जागेगा जब हर गली में अस्पताल खोलने पड़ें?
भागीरथपुरा में स्थानीय लोग जहां 25 मौतों का दावा कर रहे हैं, वहीं सरकार की स्टेटस रिपोर्ट में सिर्फ 7 मौतें दर्ज हैं। बाकी मौतें कहां गईं? क्या आंकड़ों में ही सच्चाई को दबा दिया गया?
महू के पट्टी बाजार इलाके में दूषित पानी से फैली बीमारी यह साबित करती है कि संकट किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है। हर बार की तरह इस बार भी अधिकारी अस्पताल पहुंचे, निर्देश दिए गए, सर्वे की घोषणा हुई—लेकिन अब तक किसी जिम्मेदार पर कार्रवाई क्यों नहीं?
कलेक्टर द्वारा जांच और सर्वे के निर्देश स्वागतयोग्य हैं, लेकिन जनता पूछ रही है—जिनकी लापरवाही से लोग बीमार पड़े, उन पर कार्रवाई कब होगी? क्या यह मामला भी कुछ दिनों में फाइलों में दबा दिया जाएगा?
स्मार्ट सिटी बनने का दावा करने वाले इंदौर में अगर लोग उल्टी-दस्त से जूझ रहे हैं, तो यह विकास नहीं, बल्कि सिस्टम की शर्मनाक हार है। अब जरूरत सिर्फ बयान और निरीक्षण की नहीं, बल्कि जवाबदेही तय करने की है—वरना अगला इलाका, अगला अस्पताल और अगली लिस्ट तैयार है।