शराब खुलेआम, पानी गायब! कटनी में सड़क पर उतरा गांव.
कटनी के स्लीमनाबाद में अवैध शराब और पेयजल संकट के खिलाफ सड़क पर उतरे ग्रामीण
Liquor Sold Openly, Water Missing! Village Takes to the Streets in Katni.
Special Correspondent, Katni, MP Samwad News.
MP संवाद समाचार, कटनी। स्लीमनाबाद तहसील का ग्राम धनवाही आज उस सिस्टम की पोल खोलता नजर आया, जहां नशे का कारोबार फल-फूल रहा है और पीने का पानी लोगों को नसीब नहीं हो रहा। अवैध शराब बिक्री और गंभीर पेयजल संकट से त्रस्त ग्रामीणों ने आखिरकार सड़क पर उतरकर स्लीमनाबाद–बहोरीबंद मार्ग जाम कर दिया।
तीन घंटे ठप रहा मुख्य मार्ग
शनिवार सुबह सैकड़ों पुरुष-महिलाएं सड़क पर बैठ गए। नारेबाजी हुई, प्रशासन के खिलाफ आक्रोश फूटा और तीन घंटे तक यातायात पूरी तरह ठप रहा। सवाल साफ था—जब शिकायतें होती रहीं, तो कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
नशे ने बिगाड़ा गांव का माहौल
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में लंबे समय से अवैध शराब की बिक्री चल रही है। युवा नशे की गिरफ्त में जा रहे हैं, पारिवारिक विवाद बढ़ रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार आंख मूंदे बैठे हैं।
पानी के लिए तरसते लोग
एक ओर शराब आसानी से उपलब्ध है, दूसरी ओर पीने का पानी ग्रामीणों को नसीब नहीं। महिलाएं दूर-दूर से पानी ढोने को मजबूर हैं। गर्मी में हालात और भयावह हो चुके हैं।
प्रशासन मौके पर पहुंचा, दिए गए आश्वासन
चक्काजाम की खबर मिलते ही तहसीलदार और थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे। अवैध शराब पर सख्त कार्रवाई और पेयजल समस्या के समाधान का भरोसा दिलाया गया। सरपंच और सचिव को निर्देश दिए गए—लेकिन ग्रामीणों को भरोसा कम, शक ज्यादा है।
अल्टीमेटम देकर खत्म किया जाम
ग्रामीणों ने साफ कहा—अगर यह सिर्फ कागजी आश्वासन निकला, तो अगला आंदोलन और उग्र होगा।
सुबह 10:30 बजे चक्काजाम तो खुल गया, लेकिन गांव का गुस्सा अब भी सुलग रहा है।
सवाल सिस्टम से
- क्या अवैध शराब बिना प्रशासनिक संरक्षण के बिक सकती है?
- क्या पेयजल जैसी बुनियादी जरूरत भी आंदोलन के बाद ही याद आती है?
धनवाही का यह चक्काजाम सिर्फ एक गांव की समस्या नहीं, बल्कि उस व्यवस्था पर करारा सवाल है, जहां नशा आसान और पानी दुर्लभ हो गया है।