सच लिखने की सज़ा? पत्रकार सुरक्षा पर जर्नलिस्ट काउंसिल का बड़ा सवाल.
Journalist Council of India raises serious concerns over journalist safety and press freedom.
Punished for Speaking the Truth? Journalist Council Raises Serious Questions on Media Safety.
Special Correspondent, Harishankar Parashar, Bhopal, MP Samwad News.
MP संवाद, भोपाल, देशभर में पत्रकारों पर बढ़ते हमलों, उत्पीड़न और प्रशासनिक उपेक्षा के खिलाफ जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया ने निर्णायक रुख अपनाया है। राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित वर्चुअल बैठक में करीब 50 पदाधिकारियों ने एक स्वर में कहा—अब कलम पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बैठक का मुख्य मुद्दा पत्रकार सुरक्षा रहा। वक्ताओं ने कहा कि ज़मीनी हकीकत यह है कि सच्चाई उजागर करने वाले पत्रकार आज सबसे अधिक असुरक्षित हैं। धमकी, झूठे मुकदमे, शारीरिक हमले और प्रशासनिक चुप्पी पत्रकारिता को दबाने का हथियार बनते जा रहे हैं।
राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनुराग सक्सेना ने दो टूक कहा कि पत्रकार सुरक्षा कानून केवल कागज़ों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे सख्ती से लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने सभी राज्यों के पदाधिकारियों से आग्रह किया कि वे सरकार और प्रशासन पर दबाव बनाएं।
राष्ट्रीय संयोजक डॉ. आर.सी. श्रीवास्तव ने कहा कि ग्रामीण और स्थानीय पत्रकारों को अक्सर अनदेखा किया जाता है, जबकि सबसे अधिक जोखिम वही उठाते हैं। उन्हें सम्मान और सुरक्षा दोनों मिलनी चाहिए।
बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि पत्रकार सुरक्षा को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों से औपचारिक संवाद किया जाएगा और जरूरत पड़ी तो आंदोलनात्मक कदम भी उठाए जाएंगे।
स्पष्ट संदेश है—अगर पत्रकार सुरक्षित नहीं, तो लोकतंत्र भी सुरक्षित नहीं।