पानी से पैदा होगी खुशहाली, केज कल्चर पर कटनी प्रशासन का फोकस.
केज कल्चर से मत्स्य उत्पादन बढ़ाने पर कटनी प्रशासन का विशेष फोकस
Prosperity Will Emerge from Water: Katni Administration Focuses on Cage Culture.
Special Correspondent, Mohan Nayak, Katni, MP Samwad News.
MP संवाद, कटनी जिले में मत्स्य पालन को नई ऊंचाई देने की तैयारी शुरू हो गई है। जिला पंचायत के स्वामित्व वाले जलाशयों में केज कल्चर पद्धति लागू कर मत्स्य उत्पादन बढ़ाने की दिशा में प्रशासन ने ठोस कदम उठाए हैं।
कलेक्टर के निर्देश पर आयोजित बैठक में जिला पंचायत सीईओ सुश्री हरसिमरन प्रीत कौर ने मछुआ सहकारी समितियों को आधुनिक तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि केज कल्चर से उत्पादन बढ़ेगा, आय में वृद्धि होगी और ग्रामीण स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
बैठक में बताया गया कि ठरका, सगौना और बहोरीबंद जलाशयों में केज कल्चर पद्धति से मछली उत्पादन की व्यापक संभावनाएं हैं। सहायक संचालक मत्स्य उद्योग ने तकनीकी पहलुओं की जानकारी देते हुए इसे मत्स्य किसानों की आर्थिक तस्वीर बदलने वाला कदम बताया।
सीईओ ने सभी मछुआ सहकारी समितियों को अपने सदस्यों के मछुआ किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने के निर्देश देते हुए कहा कि इससे किसान सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ उठा सकेंगे।
प्रशासन का मानना है कि नीली क्रांति के जरिए मत्स्य पालन क्षेत्र न केवल रोजगार देगा, बल्कि जिले के सामाजिक-आर्थिक विकास में भी अहम भूमिका निभाएगा।
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