MP की धरती से निकलेगा सोना, रोजगार और उद्योगों में नई क्रांति.
Gold to Emerge from MP’s Soil, A New Revolution in Jobs and Industries.
Special Correspondent, Singrauli, MP Samwad.
Madhya Pradesh marked history with its first gold mining lease in Singrauli’s Chakariya block. With 1,33,785 tons of reserves, this project promises massive job opportunities, industrial growth, and global recognition. The initiative is set to revolutionize the state’s economy, turning MP into a mineral hub.
MP संवाद, सिंगरौली जिले के चकरिया गोल्ड ब्लॉक का स्वर्ण खनन पट्टा जारी हो गया है। यह प्रदेश का पहला गोल्ड खनन पट्टा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा – “इस उपलब्धि से मध्यप्रदेश सीधे वैश्विक स्वर्ण खनन मानचित्र पर दर्ज हो गया है।”
रोजगार और उद्योगों को मिलेगी नई गति
खनन शुरू होने के बाद हजारों रोजगार के अवसर पैदा होंगे। रिफाइनिंग, ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक सेवाओं से जुड़े उद्योग भी तेजी से खड़े होंगे, जिससे सिंगरौली और आसपास के क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।
ई-नीलामी से पारदर्शिता की मिसाल
चकरिया गोल्ड ब्लॉक का पट्टा ई-नीलामी प्रक्रिया के तहत दिया गया। 23.57 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले इस ब्लॉक में लगभग 1,33,785 टन स्वर्ण अयस्क भंडार होने का अनुमान है। इसमें से करीब 1,76,600 ग्राम शुद्ध सोना निकाले जाने की संभावना है।
निवेश और औद्योगिक ढांचे को मिलेगा बल
अधिकारियों का मानना है कि गोल्ड खनन से न केवल स्थानीय स्तर पर आर्थिक विकास होगा, बल्कि औद्योगिक ढांचे और निवेश को भी मजबूती मिलेगी। इससे मध्यप्रदेश देश-विदेश के निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा।
स्वर्ण भंडार से ‘मिनरल हब’ की ओर
मध्यप्रदेश में पहले ही गुहर पहाड़, इमलिया, सोनकुरवा एक्सटेंशन और अम्लीयवाह जैसे चार गोल्ड ब्लॉकों की नीलामी हो चुकी है। अब चकरिया ब्लॉक के पट्टे ने प्रदेश को एक कदम और आगे बढ़ा दिया है। सरकार का दावा है कि इन पहलों से एमपी तेज़ी से भारत का मिनरल हब बनने की ओर अग्रसर है।