जहां उम्मीद नहीं बची थी, वहीं से शुरू हुई जिंदगी, विदिशा मेडिकल कॉलेज की टीम ने वक्त को मात दी.
Where hope had vanished, life found a new beginning — The team at Vidisha Medical College triumphed over time.
Sitaram Kushwaha, Special Correspondent, Vidisha, MP Samwad.
A 10-month-old baby girl from Vidisha was saved after swallowing a metal pendant. ENT and anesthesia teams at AVGMC performed a timely endoscopic surgery, restoring her life and bringing immense relief to her parents. The operation showcases the efficiency and expertise of Vidisha Medical College’s emergency care.
MP संवाद, विदिशा निवासी श्री शानू लखेरा अपनी 10 माह की पुत्री को लेकर मंगलवार को विदिशा मेडिकल कॉलेज के नाक-कान-गला (ENT) विभाग की ओपीडी में पहुंचे। जानकारी के अनुसार, बच्ची ने दो दिन पहले धातु का एक पेंडेंट निगल लिया था, जिससे उसकी तबीयत गंभीर हो गई।
X-Ray में खुला सच, आहार नली में फंसा था पेंडेंट
बच्ची की हालत देखते हुए तत्काल X-ray जांच करवाई गई, जिसमें पता चला कि पेंडेंट गले की आहार नली (esophagus) में फंसा हुआ है। हालात नाजुक थे, और तुरंत सर्जरी की आवश्यकता थी।
ENT और निश्चेतना विभाग की टीम ने दिखाई तत्परता
ENT और निश्चेतना विभाग की संयुक्त टीम ने बिना देरी के दूरबीन विधि (endoscopy) से बच्ची का ऑपरेशन किया और गले में फंसा पेंडेंट सफलतापूर्वक निकाल लिया। ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा और बच्ची अब पूर्णतः स्वस्थ होकर खेल-कूद कर रही है।
माता-पिता ने जताया आभार
बच्ची के माता-पिता, जो पहले बेहद घबराए हुए थे, अब राहत की सांस ले रहे हैं और उन्होंने मेडिकल कॉलेज की पूरी टीम का धन्यवाद किया।
ऑपरेशन में शामिल डॉक्टरों की टीम
- डॉ. शिव कुमार रघुवंशी – विभागाध्यक्ष, ENT
- डॉ. प्रियंका वर्मा – सहायक प्राध्यापक
- डॉ. शोबित यादव – सहायक प्राध्यापक
- डॉ. रिया जैन – सीनियर रेसिडेंट
- डॉ. निष्ठा तिवारी – जूनियर रेसिडेंट
- डॉ. ज्योति रघुवंशी – सहायक प्राध्यापक, निश्चेतना विभाग
- डॉ. अमिता चंदेल – सीनियर रेसिडेंट, निश्चेतना विभाग
इस टीम ने तेजी, दक्षता और मानवता के उच्चतम उदाहरण प्रस्तुत करते हुए एक मासूम जान बचाई।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
मेडिकल कॉलेज के अधिष्ठाता डॉ. मनीष निगम ने कहा:
“हमारे कॉलेज में सभी विभागों में उत्कृष्ट विशेषज्ञ मौजूद हैं जो किसी भी आपातकालीन स्थिति को संभालने में पूर्णतः सक्षम हैं।“
अधीक्षक डॉ. अविनाश लाघवे ने बताया:
“अटल बिहारी चिकित्सालय में 24×7 डॉक्टर सेवाएं देते हैं और वर्तमान में कई जटिल सर्जरी भी सफलतापूर्वक की जा रही हैं।“
